मैं क्या सोचती हूँ ..दुनिया को कैसे देखती हूँ ..जब कुछ दिल को खुश करता है या ठेस पहुंचाता है बस लिख डालती हूँ ..मेरा ब्लॉग मेरी डायरी है ..जहाँ मैं अपने दिल की बात खुलकर रख पाती हूँ
मेरे हाँथ की लकीरों में एक स्वप्न दबाया था ना उस क्षण की मधुस्मृतियाँ तन को गुदगुदाती है उस मनभावन रुत में धडकनों का मृदंग बज उठता है मयूर पंख फैलाए नृत्य करता है सलोना मेघ तकता है यह मोहक उत्सव इस स्वप्न के आवेश में डूबकर आँखे मुखर हो उठती हैं अधखुले मादक अधरों से मौन प्रीत बरसती है जहां गूँज उठता है बस उसी पल प्रेम करती हूँ तुमसे ...बस तुमसे #हिंदी_ब्लॉगिंग