मैं क्या सोचती हूँ ..दुनिया को कैसे देखती हूँ ..जब कुछ दिल को खुश करता है या ठेस पहुंचाता है बस लिख डालती हूँ ..मेरा ब्लॉग मेरी डायरी है ..जहाँ मैं अपने दिल की बात खुलकर रख पाती हूँ
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Thursday, March 7, 2013
Friday, August 31, 2012
Friday, July 22, 2011
नंदलाल के संग
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| जय जय श्री राधे सरकार |
जमुना जी के घाट पर अदभुत रचा प्रसंग
केश खोल राधा खड़ी नंदलाल के संग
चन्दन दतिया पकड़ राह्यों अलक सुलझाए
अतुल श्याम छवि देखकर राधे रही मुसकाय
कौतुक निरख नंदलाल के गोपी भई निहाल
ऐसे त्रिभंगी लाल को राधे रही सताय
चरण कमल में राख लो "सोनल" की अरदास
तव सुमिरन मात्र मिटे जन्म-जन्म के त्रास .
केश खोल राधा खड़ी नंदलाल के संग
चन्दन दतिया पकड़ राह्यों अलक सुलझाए
अतुल श्याम छवि देखकर राधे रही मुसकाय
कौतुक निरख नंदलाल के गोपी भई निहाल
राधेरानी के केशन में भले फसे गोपाल
अपनी माया डालकर सब जग रहा नचायऐसे त्रिभंगी लाल को राधे रही सताय
चरण कमल में राख लो "सोनल" की अरदास
तव सुमिरन मात्र मिटे जन्म-जन्म के त्रास .
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