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Tuesday, September 25, 2012

ये मोहब्बत जो ना कराये थोडा


ये मोहब्बत जो ना कराये थोडा 

अभी अभी मिली खबर के अनुसार एक हसीना का का दिल एक हसीं पर आ गया है अब आप कहेंगे इसमें क्या खास है दिलों का कारोबार तो आम है ...हसीन/हसीना लगना पूरी तरह दिल का मामला है इसमें दोनों पार्टी का वास्तव में हसीन होना मायने नहीं रखता ... लड़का भी बेनजीर है और लड़की भी हिना की तरह सुर्ख उफ़ ..क्या कहें मुल्क के मुल्क फ़िदा है यहाँ तक हमारे कृष्णा पर भी ऐसी मोहनी डाली है के बेचारे खुद माया में फंस गए है ... बेचारे अब्बू जान की जान सांसत में फसी है क्या क्या संभाले घर-आँगन दोनों आफत में है ... अब मोम और आग को साथ रखोगे तो यही होना है और भारतीय उपमहाद्वीप प्रेम के मामले में बहुत उपजाऊ है ..यहाँ प्यार बस प्यार देखता है उसे शादी ...उसके साथ जुडी आबादी ..धर्म जाति और आजकल जेंडर कुछ दिखाई नहीं देता . अब सारे चैनल एक सुर में राग बिलावल बजायेंगे और खुद भी झूमेंगे और जनता को भी झुमायेंगे ...भस्मासुर टाइप कहानी नहीं हो गई जो हथियार विदेशो को तबाह करने के लिए तैयार किया था बस ...वापस खुद पर चल गया... इनकी माने तो दोनों प्रेमी कुछ सुनने को तैयार नहीं है... 

अंधे इश्क के कहाँ सुनते है 
दिन रात आह भरा करते है 
अक्स दिलबर का आँखों में
भरे बाज़ार मजनू बने फिरते है 
रिश्ते पुराने अजीब लगते है 
अजनबी सबसे करीब लगते है 
फूंककर आशियाँ हँसते है 
यही दिलो को नसीहत करते है 
चाहो कहो दीवाना या आशिक 
हर रोज़ नई  हद से गुज़रते है 
अब्बू कहे या अम्मी समझाए 
बिगड़े ऐसे कहाँ सुधरते है 
रंग-ए-हिना चढ़ जाए दिलपर 
दाग बड़े गहरे पड़ा करते है 
सुर सधे जब मोहब्बत वाला 
राग विलाबल में  तान भरते है 

27 comments:

  1. हा हा सही. अब्बू बिचारे परेशां से है . नादाँ बेटा मानता जो नहीं . और रब्बा रब्बा नी गाता फिर रहा है. अल्लाह उसे सुकूने मुहब्बत अता करे . और भस्मासुर को सही जगह .

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  2. हा हा हा....

    अब "कृष्णा" भैया का करीहें !!!!

    ऐसा न हो भारत , पाकिस्तान से साथ रिश्तों पर पुनर्विचार न करने लगे, क्रिकेट सीरीज खतरे में न पड़ जाये :)

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  3. :) अब प्रेम पर किसका वश चला है.और जब धर्म ही तीन विवाह की इजाजत दे तो क्या गम है.:)

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  4. बहुत दिनों बाद एक हाई प्रोफाइल प्रेम कहानी से रू-ब-रू होंगे लोग |

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    1. प्रेम हाई प्रोफाइल बना देता है चाहे वो मोहल्ले के टिंकू पिंकी हो या हिना- बिलावल

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    2. रिश्ते पुराने अजीब लगते है
      अजनबी सबसे करीब लगते है

      nice.

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      Kyun???

      https://udaari.blogspot.in

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  5. उत्कृष्ट प्रस्तुति बुधवार के चर्चा मंच पर ।।

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  6. सुनकर यकीं आया हमको,
    मोहब्बत अब भी आज़ाद है !

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  7. प्रेम तो दीवाना है
    कहाँ किसी की सुनता है..
    बहुत बेहतरीन प्रेम रचना..
    बहुत सुन्दर....
    :-)

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  8. खूबसूरत तो हैं हिना रब्बानी...:) मजेदार...बधाई.

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  9. किस्सा लम्बा खिंचे। कुछ होता रहे इसी बहाने। :)

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  10. बि‍लावल को यही मि‍ला (?)

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  11. चाहो कहो दीवाना या आशिक
    हर रोज़ नई हद से गुज़रते है

    वाह उम्दा रचना

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  12. लम्बे अंतराल के बाद आना हुआ .....
    "आपकी कलम का नूर देखकर
    हम जैसे यूँ ही जला करते हैं"

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  13. बढ़िया रोचक प्रस्तुति

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  14. Vah re Upar vale ....
    Tune Bhi kya Dunia Banai..
    Nice Post :)
    Lage Roho Bhaiyya..

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  15. बढ़िया है राग बिलावल ...
    चलो पडोसी मुल्क से कुछ तो सॉफ्ट खबर आई :)

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  16. आपका काव्य चित्रण एवं कविता में सन्निहित भाव अच्छे लगे। मेरी नई पोस्ट 'बहती गंगा' पर आपका इंतजार रहेगा। धन्यवाद।

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  17. :):) बिलावल राग ... अच्छी उप्मा दी है

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