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Tuesday, December 7, 2010

ये जो मेरा चेहरा है


(१)
ये जो मेरा चेहरा है
खुशियों से जड़ा  है
हर वक़्त खिलखिलाहट
जैसे झुण्ड चहका है
आँखों में सितारों सी
चमक सदा है
इतनी लम्बी मुस्कराहट
हर लम्हा फ़िदा है
सदा दमकते है
मोती जिनके बीच
उसने कभी लबों को
सीप सा भी कहा है
मुस्कान के साथ पड़ते
गालों में गढढे
आँखों के करीब
दो पर्बत से उठते
 मेरे चेहरे का वजूद
सबसे अलहदा है
(२)
ये जो मेरा चेहरा है
दर्द का फलसफा है
हर वक़्त सिसकियों की
गूँज से भरा है
आँखों से रिसती
सीलन इस दिल की
हर लम्हा यहाँ
सावन सा ही रहा है
आँखों के पास पड़े
स्याही के घेरे
देखे न जैसे
उजले सवेरे
मायूसी मेरे
वजूद का हिस्सा है

39 comments:

  1. ये जो मेरा चेहरा है
    खुशियों से जड़ा है
    हर वक़्त खिलखिलाहट
    जैसे झुण्ड चहका है
    आँखों में सितारों सी
    चमक सदा है
    इतनी लम्बी मुस्कराहट
    हर लम्हा फ़िदा है
    सदा दमकते है
    मोती जिनके बीच
    उसने कभी लबों को
    सीप सा भी कहा है
    मुस्कान के साथ पड़ते
    गालों में गढढे
    आँखों के करीब
    दो पर्बत से उठते
    मेरे चेहरे का वजूद
    सबसे अलहदा है


    शानदार...

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  2. दोनों ही चेहरे खूबसूरत हैं...

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  3. मन के द्वन्द को ख़ूबसूरती से बयान किया आपने.

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  4. अगर हमें हँसने और रोने का क्रम चुनना हो, तो पहले रो लेंगे, और फिर आखिर में उस रोने पे हँसेंगे ;)
    लिखते रहिये ...

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  5. भाई कमाल की अभिव्यक्ति होती है आपकी।बहुत ही शानदार।

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  6. दोनों रचनाएँ अलग अलग अंदाज़ की......अपने आप में खूबसूरत

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  7. एक चेहरे को दो तरह से आप देखती है बहुत खूब .

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  8. एक ही व्यक्तित्व के दो हिस्से, उत्श्रंखलता और नीरवता।

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  9. खूबसूरती से सजाये हैं एहसास

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  10. अहसास बहुत अच्छा लगा.............

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  11. बेहतरीन पोस्ट लेखन के बधाई !

    आशा है कि अपने सार्थक लेखन से,आप इसी तरह, ब्लाग जगत को समृद्ध करेंगे।

    आपकी पोस्ट की चर्चा ब्लाग4वार्ता पर है-पधारें

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  12. bohot bohot hi kamaal ki post hai ye wali to, pehla hissa to bohot hi pyaara tha, use contrast karta hua doosra, aur bhi khoobsurat....beautiful

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  13. ये जो मेरा चेहरा है
    खुशियों से जड़ा है
    ... bahut sundar ... behatreen bhaav !!!

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  14. ये दोनों ही भाव आते ही रहते हैं चेहरेपर...और भाव बदलते रहते हैं....बढ़िया अभिव्यक्ति...

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  15. चेहरे की दो पहलू और दोनों ही बेहतरीन अंदाज़ से निखारे हैं आपने .... बहुत खूब ...

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  16. wahooo !! no word for tht poem!!

    jai ho mangalmay ho

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  17. यही हकीकत है और शायद जीवन भी ...शुभकामनायें आपको !

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  18. दोनों चेहरे जिंदगी के रूप हैं ।

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  19. दोनों कवितायेँ .....जिन्दगी के करीब ...आभार

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  20. वाह जी वाह क्या बात है आपके लेखन में

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  21. ये जो आपका चेहरा है
    बहुत सुंदर चेहरा है.
    घुघूती बासूती

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  22. आँखों के पास पड़े
    स्याही के घेरे
    देखे न जैसे
    उजले सवेरे
    मायूसी मेरे
    वजूद का हिस्सा है...

    दोनों कवितायेँ जिंदगी के दो रूप बहुत गहराई से प्रस्तुत करती हैं..सुन्दर भावपूर्ण प्रस्तुति.आभार

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  23. मेरे चेहरे का वजूद
    सबसे अलहदा है
    koi shak nahi

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  24. अच्छी रचना लफ्जो का सुंदर उपयोग !
    मेरे ब्लॉग में SMS की दुनिया .........

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  25. आपका ब्लॉग बहुत पसंद आया है !
    बहुत सच्ची और बहुत अच्छी रचना है

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  26. चेहरा और नजरिया, चेहरा और विश्वास, चेहरा और मुस्काम चेहरा और मायूसी, चेहरा और अँधेरा, चेहरा और उजाला.. ! कहने को तो डॉ रचनाएँ हैं और सिर्फ एक चेहरा किन्तु जाने कितने भावों का संचरण.. और कितने रंग.. वाह ! एक बेहद उम्दा और बहुआयामी रचनाओं के लिए बधाई. आप वाकई बेहद अच्छा लिखती हैं.. साधुवाद ! आभार !

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  27. सुख और दुख का अच्छा चित्रण किया है आपने।
    वैसा मेरा मानना है कि धूंप-छांव की परछाईयों के चलते चेहरा बनता-बिगड़ता रहता है... असल बात है दिल न बिगड़े।

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  28. भावपूर्ण कविता

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  29. चेहरों को बहुत गहनता से पढ़ा है आपने.. हर चित्र हर भाव उभर आये हैं.. अच्छा लगा...

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  30. चेहरे को इस तरह से मैंने पहली बार पढा और अब देखा भी. वाह! बहुत खूबसूरत!
    --
    पंख, आबिदा और खुदा के लिए

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  31. उलटा-पुलटा कर दिया आपने ! बहुत अच्छी लगी !

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  32. dono images bahut khoob utaari hain, mujhe doosra hissa jyada pasand aaya

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  33. AAPKO PADHNA ACHHA LAGA.
    NITYANAND TUSHAR
    KABHI http://ntushar.blogspot.com
    par blog dil ki baat dekhein.dhanyvaad

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  34. wah kya baat hai........
    bhavpoorn rachnae.......

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