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Tuesday, February 15, 2011

जली फिर रात रूमानी....

थी कल की शाम रूमानी
छलकता जाम रूमानी
निगाहे थी निगाहों तक
नज़र  की प्यास रूमानी
सहेजा भी संभाला भी
सीने से दिल निकाला भी
नहीं था सुर्ख इतना कुछ
जली  फिर रात रूमानी
अजब हालात थे शायद
मेरे जज्बात थे शायद
ना तुम बोले ना मैं बोली
चुपी ना रात रूमानी
कहें कैसे सुनें कैसे
ये किस्से प्यार वाले है
बहुत मीठे है गुड जैसे
यहाँ जितने निवाले है
तुम्हे पाया तो पा बैठी
मैं ये सौगात रूमानी

23 comments:

  1. ये किस्से प्यार वाले है
    बहुत मीठे है गुड जैसे
    क्या बात है ..कविता भी है एकदम गुड़ जैसी ही ..

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  2. ohh....
    ye rumaniyat...
    khubsurat ehsaas...:)

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  3. नमस्कार...
    कही जो तुमने बातें हैं...
    लगी हर बात रूमानी...
    तेरी कविता हमेशा ही..
    लगी सौगात रूमानी..
    तेरा जो प्रेम है उनसे.
    अलग सा सारा दिखता है..
    तेरे हर शब्द से झलके...
    तेरे जज़्बात रूमानी...

    सुन्दर अहसास....

    दीपक...
    मेरे ब्लॉग पर पढ़ें...."प्रेम दिवस"...
    www.deepakjyoti.blogspot.com

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  4. बहुत सुन्दर !!!

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  5. बढियां बढियां ...कविता इमोशनल झटके दे रही है....

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  6. "सहेजा भी संभाला भी
    सीने से दिल निकाला भी
    नहीं था सुर्ख इतना कुछ
    जली फिर रात रूमानी "

    बहुत सुन्दर कविता



    ''मिलिए रेखाओं के अप्रतिम जादूगर से.....'

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  7. ये तो ग़ज़ल और कविता का मिला जुला रूप हुआ..

    खैर जो भी हो.. पढ़ते हुए रिदम ज़रूर बनती है..

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  8. तुम्हे पाया तो पा बैठी
    मैं ये सौगात रूमानी
    सुंदर भावों की उत्तम अभिव्यक्ति।

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  9. बहुत सुन्दर !!!

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  10. किसी के sath beete pal हमेशा rumaani hote हैं ... bahut lajawab रचना है ....

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  11. Bahut sunder
    ek hi sans me sab badh liya.

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  12. बहुत सुन्दर रचना.

    कहें कैसे सुनें कैसे
    ये किस्से प्यार वाले है
    बहुत मीठे है गुड जैसे
    यहाँ जितने निवाले है

    बहुत मिठास है इन बोलों में.
    आपकी कलम को सलाम

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  13. अब रूमानियत मे थोड़े यथार्थ की भी ज़रूरत है ।

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  14. यह तो बहुत सुन्दर लिखा आपने....बधाई.


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    'पाखी की दुनिया' : इण्डिया के पहले 'सी-प्लेन' से पाखी की यात्रा !

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  15. bahut hi sunder likha hai apne

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  16. kabhi mere blog per bhi aakar dekhiyein

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  17. रूमानियत की अभिव्यक्ति में बह जाने का ख़तरा रहता है,मगर यहां संतुलन है।

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  18. बहुत खूब !!! ज़रा मेरा ब्लाग भी देखने की कृपा करें ।
    http://hinditeachers.blogspot.com

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  19. sabhi rachnayein bahut hi sunder hain

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