Pages

Wednesday, March 7, 2012

फागुन की बतिया


(1)
सुन पिया
भई बावरी
टूटे काहे अंग
चले हवा
देह दुखे
मुख मलिन
ढंग बेढंग

(2)

ओ गोरी
सुन बावरी
सब फागुन
का खेल
भोर -सांझ
में बने नहीं
मौसम ये बेमेल


(3)
सुन पिया
सखि काहे
प्रीत की है 
ये चाल
वैद ही इसमें
रोग दे
इस कारन
तू बेहाल


(4)
सखि की
माने सुमुखि
साजन की
माने नाहि
लगे जो
गले पिया के
रोग सभी
मिट जाए

24 comments:

  1. पिया संग खेलूं होरी...जबरदस्त लिखा है

    ReplyDelete
  2. होली पर बढ़िया क्षणिकाएं ..... होली की शुभकामनायें

    ReplyDelete
  3. सुन्दर....

    खूब खेलिए होली....
    शुभकामनाएँ..

    ReplyDelete
  4. भीगी भीगी होली में रंगों से तरबतर शुभकामनाएं...

    ReplyDelete
  5. :).. holi ki shubhkamnayen...
    fagun ka asar dikh gaya!! shabdo me:)

    ReplyDelete
  6. wah bahut sundar

    ReplyDelete
  7. रंगों की छोटी छोटी पुड़ियों से बरसते शब्द

    ReplyDelete
  8. "लगे जो
    गले पिया के
    रोग सभी
    मिट जाए"
    आपकी तमन्ना पूरी हो सोनल......:))
    बहुत सुंदर लिखा है।

    ReplyDelete
  9. अबीर , गुलाल छिटक छिटक पड़ा है क्षणिकाओं में ..

    ReplyDelete
  10. आपकी किसी नयी -पुरानी पोस्ट की हल चल बृहस्पतिवार 08 -03 -2012 को यहाँ भी है

    ..रंग की तरंग में होली की शुभकामनायें .. नयी पुरानी हलचल में .

    ReplyDelete
  11. बेहद खूबसूरत रंगमयी प्रस्तुति………… होली की हार्दिक शुभकामनाएँ !

    ReplyDelete
  12. बहुत ही सुन्दर दोहे .. पिया के रंग में होली के रंग नज़र आ रहे अहिं ... लाजवाब ..
    होली की मधुर मंगल कामनाएं ...

    ReplyDelete
  13. सोनल जी सुंदर बिलकुल आपकी ही तरह

    ReplyDelete
  14. बहुत अच्छी प्रस्तुति| होली की आपको हार्दिक शुभकामनाएँ|

    ReplyDelete
  15. बहुत ही बढ़िया
    आपको होली की सपरिवार हार्दिक शुभकामनाएँ।

    सादर

    ReplyDelete
  16. बहुत ही खूबसूरत...होली की शुभकामनायें |

    ReplyDelete
  17. *********************************
    बहूत -बहूत सुंदर रचना...
    होली पर्व कि ढेर सारी शुभ कामनाये
    ***********************************

    ReplyDelete
  18. bahut hi badhiya.....fagun ayo re

    ReplyDelete
  19. सुन्दर पंक्तियाँ!

    ReplyDelete
  20. वाह ...बहुत ही बढिया।

    ReplyDelete
  21. बहुत ही सुन्दर पंक्तियाँ.....

    ReplyDelete
  22. भाव प्रधान दोहे हैं.
    बधाई.
    - विजय तिवारी "किसलय"

    ReplyDelete
  23. बहुत खूबसूरत.....

    ReplyDelete