(बैशाखनंदन सम्मान प्रतियोगिता के लिए एक व्यंग रचा था आपसब के साथ बाँट लेती हूँ )
बड़ी दर्द भरी कहानी है हमारी ,ऐसा युद्ध लड़ा है जैसा ..पूछो मत .ताई जी के बेटे की शादी का कार्ड देखकर ..कितने पकवानों के थाल आँखों के सामने घूम गए थे ..आँखे इमरती..तो दिल में रसगुल्ले फूट रहे थे ..कचोरी और आलू की सब्जी की खुशबू तो मनो निगोड़ी नाक को कहा से आने लगी थी ...पिछली बार माठ नहीं चख पाई थी,इस बार तो सारी कसर निकालूंगी , मरे शहर की शादियों में देसी चीज़ों को तरस ही जाओ ..हमें नहीं भाता कांटिनेंटल,
पतिदेव को भी समझा दिया जाने का इरादा बता दिया.. हवाई टिकेट करवाए तो बजट का बाजा बजना ही था ..
नई साड़ी का प्लान छोड़ कर अपनी अलमारी में से कुछ पहने का सोचा ...भाई साब यही तो हो गया लोचा..पता नहीं चोली कुछ छोटी सी लगी सोचा नाप के देखते हैं ..भाई वो तो बिगड़ गई कोहनी पर जा कर अड़ गई ..हमको स्थिति का आभास तो था पर इतने बुरे हालात होंगे इसका अंदाज़ ना था....एक एक करके सब नाप डाले ..पर ....
पतिदेव रात को आये तो बिस्तर पर बिखरे कपडे देख कर घबराए "कोई चोरी हो गई क्या ".
हमने आँखों में आंसू भर कर पूछा आपने बताया क्यों नहीं , वो मुस्कुरा कर बोले
"प्रिये माना तुम कामिनी से गजगामिनी के पथ पर अग्रसर हो
पर मेरे प्रेम को कोई कमी नहीं पाओगी
बहुत बड़ा है दिल मेरा
हर साइज़ में फिट हो जाओगी "
हमने भी मन में ठान लिया बात में छिपे व्यंग को पहचान लिया ,स्लिम्मिंग सेंटर के चक्कर लगा रहे है लौकी पी रहे है लौकी खा रहे है,
अब हम मोह माया से ऊपर उठ गए है ,तुच्छ मिठाई ,भठूरे,पूरी ,टिक्की पाव भाजी सब हमको सिर्फ कैलोरी मात्र नज़र आते है,पर देखते है ये संन्यास हम कबतलक निभाते है,जितनी मंद गति से हमारा वजन घट रहा है उससे १०० गुना तीव्र गति से पतिदेव के बटुए से नोट.
पर ये सब हमारा उत्साह नहीं घटा पायेंगे ..शादी में तो हम वही साडी पहन कर जायेंगे ,जो नई फोटू खिचवायेंगे ब्लॉग पर लगायेंगे ...आप सब को दिखाएँगे