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Tuesday, September 29, 2009

तुमने कहा था

तुमने कहा था बताओगे मुझे
की कब मुझसे प्यार का एहसास हुआ
हमारे बीच के रिश्ते का
कौन सा पल एक दम ख़ास हुआ

सुनने को बेकरार हूँ मै
तुम्हारे लबो से ये कहानी
शायद ऐसे ही सुलझ जाए
कुछ उलझने अनजानी

यूँ तो बात बात पे कहते है
तुमको बस तुमको ही चाहता हूँ मैं
दिन रात तेरी सलामती की ही
दुआ मांगता हूँ मैं

पर मुझे भी तो हक है
की मैं भी महसूस करूँ
तुम्हारे दिल के नर्म कोने को
मेरे खयालो ने कब छुआ

17 comments:

  1. " acchi rachana "

    ----- eksacchai { AAWAZ }

    http://eksacchai.blogspot.com

    http://hindimasti4u.blogspot.com

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  2. सोनल जी बहुत ही सुंदर भावपूर्ण कविता है.स्नेह एवं शुभ कामनाएं

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  3. सोनल जी बहुत ही सुंदर भावपूर्ण कविता है
    सोनल जी बहुत ही सुंदर भावपूर्ण कविता है

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  4. हमारे बीच के रिश्ते का
    कौन सा पल एक दम ख़ास हुआ


    सुंदर !

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  5. आपकी किसी नयी -पुरानी पोस्ट की हल चल कल 16-- 11 - 2011 को यहाँ भी है

    ...नयी पुरानी हलचल में आज ...संभावनाओं के बीज

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  6. बहत अच्छी रचना .बधाई

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  7. पर मुझे भी तो हक है
    की मैं भी महसूस करूँ
    तुम्हारे दिल के नर्म कोने को
    मेरे खयालो ने कब छुआ... bilkul haq hai... bahut khoobsurat andaaj

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  8. बहुत खूब..नाज़ुक ख़याल नज़्म..

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  9. पर मुझे भी तो हक है
    की मैं भी महसूस करूँ
    तुम्हारे दिल के नर्म कोने को
    मेरे खयालो ने कब छुआ
    वाह... बिल्कुल हृदय के करीब लगी ये भावपूर्ण पंक्तियाँ!

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  10. आपकी जिज्ञासा बहुत वाजिब है ! बहुत ही नाज़ुक ख्यालों से सजी कोमल सी रचना ! बहुत ही सुन्दर ! शुभकामनायें !

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