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Wednesday, June 23, 2010

इश्क पर लिखूंगी


इश्क पर लिखूंगी ,

हुस्न पर लिखूंगी
दिलों के होने वाले,
हर जश्न पर लिखूंगी

दर्द पर लिखूंगी

मैं आह पर लिखूंगी
जुल्फों की घनी
पनाह पर लिखूंगी

चाँद पर लिखूंगी

और रात पर लिखूंगी
दो जोड़ी आँखों की
हर बात पर लिखूंगी

शमा पर लिखूंगी
मैं परवाने पर लिखूंगी
जलते बुझते
हर अफ़साने पर लिखूंगी

खिड़की पर लिखूंगी
मैं झलक पर लिखूंगी
रात भर ना सोई
उस पलक पर लिखूंगी

जब तक है धड़कन
और गर्म है साँसे
मोहब्बत मोहब्बत
दिन रात मैं लिखूंगी

32 comments:

  1. रात भर ना सोई
    उस पलक पर लिखूंगी

    in line ne kampann sa paida kar diya tha. kya baat hai ma'm

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  2. bahut sundar aur gahre bhav hai is kavita me..
    keep writing.

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  3. बहुत सुन्दर्।

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  4. जोश एवं उत्साह से लिखी गयी रचना ,,स्वागत है ,,लाजवाब पोस्ट..

    विकास पाण्डेय
    www.vicharokadarpan.blogspot.com

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  5. बहुत सुन्दर रचना...

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  6. बड़ी ज़बर्दस्त दास्ताने मोहब्बत है ये और साथ ही ऐलाने मोहब्बत भी...शायद इसी पर किसी ने कहा था कि
    इस सादगी पे कौन न मर जाए ऐ ख़ुदा
    लड़ते हैं मगर हाथ में तलवार भी नहीं.

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  7. सोनी लिखो खूब लिखो हम पढ रहे हैं ना । सुन्दर कविता। बधाई

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  8. क्या आप जानती है कि सांस रोककर रचना को पढ़ना किसे कहते हैं.... आपकी रचना कुछ इसी तरह की है।
    जब अंतिम लाइनों में देखा कि मोहब्बत जिन्दाबाद है तो जाकर सुकून मिला।
    एक शानदार रचना के लिए बधाई।

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  9. kya bat hai ......bahut hi umda rachna...!!

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  10. आप जो भी लिखेंगी ,मैं सब पढ़ुंगा ।

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  11. वाह वाह....कितने सारे विषय हैं लिखने के लिए.....एक मैं हूँ की कोई विषय ही नहीं मिल रहा लिखने को....हा हा हा ...

    बहुत सुन्दर नज़्म हुई है....बधाई

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  12. आपकी लिखावट ने तो कमाल कर दिया

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  13. साथियो, आभार !!
    आप अब लोक के स्वर हमज़बान[http://hamzabaan.feedcluster.com/] के /की सदस्य हो चुके/चुकी हैं.आप अपने ब्लॉग में इसका लिंक जोड़ कर सहयोग करें और ताज़े पोस्ट की झलक भी पायें.आप एम्बेड इन माय साईट आप्शन में जाकर ऐसा कर सकते/सकती हैं.हमें ख़ुशी होगी.

    स्नेहिल
    आपका
    शहरोज़

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  14. aapto likhte rahiye .........har vishay par likhiye......hame padhne ke liye achhchhe kavita ki jaroorat hai.......aur aapki lekhni sundar hai...keep it up

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  15. gaonb me jab tha...to jo ladkiyaan(sirf ladkiyaan ) 10th ya 12th pass nahi kar pati theen ..wo ek copy leti theen aur roz us copy ka ek panna "raam " raam " likh ke bhar deti theen ..unka vishwas tha ki pass ho jayengi ...khair pass to nahi hueen ..kaiyon ko raam mil gaye .. ye muhabbat muhabbat bhi likhna kama zaroor aayega.. :) bahut achhi lagi nazm ..veer ras style ki mohabbat hai ..kahne ka matlab bahut energy hai .. :)

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  16. @बहुत- बहुत धन्यवाद ... पता नहीं जब भी श्रृंगार रस पर लिखती हूँ तो ,मन खिला खिला सा रहता है ..इतनी गर्मी में खुश रहने का ये तरीका हमें तो भाता है

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  17. जब तक है धड़कन
    और गर्म है साँसे
    मोहब्बत मोहब्बत
    दिन रात मैं लिखूंगी ...

    दिल में हो उमंग तो हर बात पर लिखना अच्छा लगता है ... अच्छी रचना है आपकी ...

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  18. bahut acha likha hai apne
    इश्क पर लिखूंगी ,
    हुस्न पर लिखूंगी
    दिलों के होने वाले,
    हर जश्न पर लिखूंगी

    ye line mujhe bahut pasand aaie

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  19. आप जो भी लिखती हैं, शानदार लिखती हैं।
    ---------
    क्या आप बता सकते हैं कि इंसान और साँप में कौन ज़्यादा ज़हरीला होता है?
    अगर हाँ, तो फिर चले आइए रहस्य और रोमाँच से भरी एक नवीन दुनिया में आपका स्वागत है।

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  20. aapki post kal 25/6/ ke charcha munch ke liye li ja rahi he.

    aabhar

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  21. वाह!! बेहतरीन..!

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  22. गज़ब की जिद, एक सधी हुयी उत्कट चाह ।

    लिखूँगी, दिखूँगी, कभी न थकूँगी,
    समझ ले ज़माना, मैं सोना खरा हूँ ।

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  23. वाह! क्या खूब लिखती हैं आप...आप को पढ़कर कुछ जोश आ जाता है. सार्थक कविता.

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  24. बहुत अच्छा लगा इसे पढ़्कर। ऐसे लिखती रहें, ताकि मन खिला खिला बना रहे। :)

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  25. बहुत सुन्दर सोच..शानदार रचना.


    ***************************
    'पाखी की दुनिया' में इस बार 'कीचड़ फेंकने वाले ज्वालामुखी' !

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  26. Sonal Ji,

    Namaste,
    Likhne ka yeh achcha pagal pan hai..
    जब तक है धड़कन
    और गर्म है साँसे
    मोहब्बत मोहब्बत
    दिन रात मैं लिखूंगी
    Isi tarah naye naye vichaar likhti rahiye ...
    Dhanyavaad

    Surinder Ratti
    Mumbai

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  27. आज फ़िर पढ़ा इसे। बहुत अच्छा लगा।

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