Pages

Thursday, June 3, 2010

बाद मुद्दत के पहलू में सनम आया है

हंसकर जबसे गले लगाया है

चाँद आँखों में उतर आया है
पड़े गालों में दो भंवर गहरे
डूबकर कौन उबर पाया है

कुछ हया अदा में शामिल है
और कुछ अदा से शर्माती भी है
झिड़क देती है शरारत से
कभी तेवर नए दिखाती भी है

उँगलियों से सुलझा देती है
कभी जुल्फों में मुझे उलझाया है
कोई बात नहीं बस ख़ामोशी रहे
बाद मुद्दत के पहलू में सनम आया है

29 comments:

  1. कभी उँगलियों से सुलझा देती है
    कभी जुल्फों में मुझे उलझाया है
    अब कोई बात नहीं बस ख़ामोशी रहे
    मुद्दत बाद पहलु में सनम आया है ....vah, bahut sundar rachna.

    ReplyDelete
  2. are waah sundar prem ke bhaavon se saji..milan ka sukhad ehsaas...ab aisa ho ki muddatein beet jaayein...aur sanam kahin jaa na paaye...

    ReplyDelete
  3. आह माशाल्लाह ...बहुत ही खूबसूरत नाम है .

    ReplyDelete
  4. बहुत सुन्दर ...खूबसूरत एहसासों से भरी ...

    ReplyDelete
  5. सुध बुध खोने वाली रचना ।

    ReplyDelete
  6. अब कोई बात नहीं बस ख़ामोशी रहे
    मुद्दत बाद पहलु में सनम आया है

    waah bahu t sundar..

    ReplyDelete
  7. सुध बुध खोने वाली रचना ।

    ReplyDelete
  8. सुध बुध खोने वाली रचना ।

    ReplyDelete
  9. सुध बुध खोने वाली रचना ।

    ReplyDelete
  10. अब कोई बात नहीं बस ख़ामोशी रहे

    बहुत सुन्दर अभिव्यक्ति
    बहुत प्यारी रचना

    प्रणाम स्वीकार करें

    ReplyDelete
  11. Hi..

    Ek Sujhav..
    Ab koi baat nahi...
    Ki jagah aisa likhen..

    Kabhi pyaar se jhidka mujhko..
    Kabhi to khud hi uksaya hai..

    Jaane kab se aas thi meri..
    Chand pass ab aaya hai..
    Muddat baad sanam mera fir..
    Bahon main meri aaya hai..

    Sundar bhav..

    DEEPAK..

    ReplyDelete
  12. Hi..

    Ek Sujhav..
    Ab koi baat nahi...
    Ki jagah aisa likhen..

    Kabhi pyaar se jhidka mujhko..
    Kabhi to khud hi uksaya hai..

    Jaane kab se aas thi meri..
    Chand pass ab aaya hai..
    Muddat baad sanam mera fir..
    Bahon main meri aaya hai..

    Sundar bhav..

    DEEPAK..

    ReplyDelete
  13. Pahloo main mere aaya hai..bhi kar sakti hain..

    ReplyDelete
  14. sach me very nice wali hi baat hai....

    kunwar ji,

    ReplyDelete
  15. bahut sundar


    aaj chand uter aaya sharti par

    barish ka mosam ho or upper se sathi sath ho to yaho hota he

    ReplyDelete
  16. बहुत सुन्दर अभिव्यक्ति
    बहुत प्यारी रचना

    ReplyDelete
  17. आँखों में चाँद उतर आया है
    गालों में पड़े गहरे दो भंवर
    उनमें डूबकर कौन उबर पाया है,,,,,,गज़ब एहसास लिए सुन्दर रचना !!!

    ReplyDelete
  18. श्रिन्गार रस की आधुनिक कविता। सुन्दर!

    ReplyDelete
  19. हर रंग मिलता है आपकी रचनाओं में
    "अब कोई बात नहीं बस ख़ामोशी रहे
    बाद मुद्दत के पहलू में सनम आया है"
    ये उसी की एक बानिगी है.

    ReplyDelete
  20. मैं सोच में पड़ गया हूं अपनी टिप्पणी में क्या लिखूं...
    कहीं पहुंचा दिया है आपने।
    यह एक रचना का असर है।

    ReplyDelete
  21. thanks.
    liked ur feelings and short stories.

    ReplyDelete
  22. आपकी इस नज्म पर इतना ही कहूंगा कि
    कोई अपना बिछडता है तो दिल को दर्द होता है
    फूल तो फूल है ऐसे में तो पत्थर भी रोता है
    सभी ये जानते है सेज काटों की मोहब्बत है
    न जाने फिर किसी से क्यों किसी को प्यार होता है

    ReplyDelete
  23. मैने पहलू चैक किया आपकी कविता को पढ़ने के बाद। पर यहां थोड़ा डिफरेंट हो गया,,,मुद्दत हो गई कोई आय़ा ही नहीं। हां पललू में जो दिल था....या है..पता नहीं....वहां रह रह कर कोई याद आ जाता है। चलता है लाइफ है। हाहाहाहा

    ReplyDelete
  24. उनमें डूबकर कौन उबर पाया है

    is misre me se .."unme " hata dijiye...flow behtar ho jayega

    bahut achhi rachna hai sonal ji..

    ek dum ..chokha romantic... :)

    ReplyDelete