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Saturday, July 24, 2010

लिखो ना.......(2)

लिखो ना.......


महका बेला

बिखरा काजल

हुई पिया की

बहका आँचल

लिखो ना ....

मधुमास में

मधुमय रातें

प्रेम पगी थी

मीठी बातें

लिखो ना.....

लड़ना चिढना

और रुलाना

देना ताने

फिर मनाना

लिखो ना .....

कितने पल

कितनी बातें

हमने बांटी

कितनी सौगातें

प्रेम तुम्हारा

साथ तुम्हारा

मुझपर ये

विश्वास तुम्हारा

एक सम्मोहन

एक आकर्षण

कर डाला

सबकुछ अर्पण

इतना प्यार

संवर गई मैं

लिखा ह्रदय पर

नाम तुम्हारा

20 comments:

  1. बहुत सुंदर.... दिल को छू गयी....

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  2. एक प्यार भरा मनुहार... एक मधुर प्रणय यात्रा... एक सुखद अनुभव... एक बीते पलों को दुबारा जीने की अनुभूति!!
    सोनल जी, बहुत बहुत सुंदर!!

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  3. कितना लिखवाओगी ? :):) बहुत सुन्दर....प्रवाहमयी रचना

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  4. अच्छा लिखा है आपने। भाषिक संवेदना प्रभावित करती है।

    मेरे ब्लाग पर राष्ट्रमंडल खेलों में हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा देने के संदर्भ में अपील है। उसे पढ़ें और अपनी प्रतिक्रिया देकर बताएं कि राष्ट्रमंडल खेलों में हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा देने की दिशा में और क्या प्रयास किए जाएं।
    मेरा ब्लाग है-
    http://www.ashokvichar.blogspot.com

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  5. लिखो ना.....
    लड़ना चिढना
    और रुलाना
    देना ताने
    फिर मनाना
    बहुत अंतरंग भाव और सूक्ष्म अवलोकन की रचना
    बेहद सुन्दर

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  6. बहुत अच्छी प्रस्तुति।
    राजभाषा हिन्दी के प्रचार-प्रसार में आपका योगदान सराहनीय है।

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  7. लिखो न,
    अपने आप में लेखन की तरंग को जन्म देती हुयी अभिव्यक्ति।

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  8. और लिखो न :)

    मन नहीं भरा। आपकी कविताओं में प्यार कूट कूट कर भरा होता है।

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  9. सुंदर भावाभिव्यक्ति

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  10. bas likhti jaiye .. padhrahe hain padhne wale... pyaripyari baaten hain ..kaun nahi likhega bhala...aur jab likh diya..to padhengen bhi ...

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  11. बेहद अन्तरंग कविता ! प्रेम के विभिन्न आयामों को छूती

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  12. लिखो ना.....
    लड़ना चिढना
    और रुलाना
    देना ताने
    फिर मनाना ..

    दिल के कोमल पल ... कुछ अंजाने लम्हों को लिखना ... मनुहार करना ... बाहित अनुपान रचना है सादगी लिए ....

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  13. ruko... samet lun muskaan,
    ruko , pakad lun chudiyon kee awaaz
    phir....
    likhungi ek geet tumhare liye

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  14. मधुमास में

    मधुमय रातें

    प्रेम पगी थी

    मीठी बातें

    sonal....bade hi romantic mood mein likha hai tumne...kya baat hai :)))

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  15. रस परिपाक उत्कृष्ट ।

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  16. लिखो ना.....
    लड़ना चिढना
    और रुलाना
    देना ताने
    फिर मनाना
    ..बेहद सुन्दर भावाभिव्यक्ति

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  17. ur heart is full of lv....n emotions....liked it

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