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Thursday, July 15, 2010

तुझसे दिल लगने के बाद

माना है वो बिगड़ने के बाद


बरसा है बादल सुलगने के बाद

कभी सामने आना गवारा नहीं था

आज हटते नहीं है निखरने के बाद

पानी मखमल सा सुर्ख लगता है

उनके दरिया में उतरने के बाद

बात है मीठी  या जबां मीठी है

जवाब आयेगा चखने के बाद

चाँद से हैं  या चाँद रात से है

खुलेगा राज़ हिजाब पलटने के बाद

क्या हैं कीमत मेरे प्यार की

हिसाब मिलेगा शायद मेरे बिकने के बाद

अंगडाई से क़यामत ना आ जाए

कौन बचेगा ज्वार उतरने के बाद

गुमसुमी हरारत बेहोशी और दीवानापन

सारे रोग लगे है तुझसे दिल लगने के बाद

कितने है मेरे मुरीद सिवा उनके

जानेगा ज़माना जनाजा उठने के बाद

26 comments:

  1. सोनल . बहुत हकीकत बयाँ है ।
    सराहनीय ।

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  2. धांसू
    बोले तो एकदम वंडरफुल
    कहीं कोई लोचा नहीं.. सीधा दिल पे वार

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  3. mujhe bhi muridon ki ginti mein shumaar kar lo..vaise chand ko hichkiyaan aa rahi hogi..har koi yaad kar raha hai :)

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  4. आप मुझे कुछ जान सके क्या,
    अश्रु मेरे पढ़ने के बाद ।

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  5. गुमसुमी हरारत बेहोशी और दीवानापन
    सारे रोग लगे है तुझसे दिल लगने के बाद

    वाह सोनल जी सीधा दिल से लिखा।
    बहुत अच्छी तरह से जज्बातों को शब्दों में पिरो्या है।

    धन्यवाद

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  6. पानी मखमल सा सुर्ख लगता है
    उनके दरिया में उतरने के बाद ..

    बहुत खूब ..... उनके आने से जो आ जाती है मुँह पर रौनक ......
    ग़ालिब याद आ गये इस शेर पढ़ने के बाद ....

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  7. माना है वो बिगड़ने के बाद


    बरसा है बादल सुलगने के बाद

    कभी सामने आना गवारा नहीं था

    आज हटते नहीं है निखरने के बाद

    ye do sher...zabardastttttttttttttt

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  8. सोचता जा रहा था कि ये लिखूँगा, वो लिखूँगा... लेकिन उँगलियों ने साथ छोड़ दिया पूरी ग़ज़ल पढ जाने के बाद!!!

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  9. माना है वो बिगड़ने के बाद
    बरसा है बादल सुलगने के बाद

    कभी सामने आना गवारा नहीं था
    आज हटते नहीं है निखरने के बाद
    वाह बहुत खूब। शुभकामनायें

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  10. bhn sonal ji bhut khub dil kaa drd alfaazon men pironaa koi aasaan nhin or drd bhi voh jo sirf khyaalon men pedaa kiyaa ho shbdon ki jaadugiri shaayd ise hi khte hen. akhtar khan akela kota rajsthan

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  11. चाँद से हैं या चाँद रात से है

    खुलेगा राज़ हिजाब पलटने के बाद

    क्या हैं कीमत मेरे प्यार की

    हिसाब मिलेगा शायद मेरे बिकने के बाद

    अंगडाई से क़यामत ना आ जाए

    कौन बचेगा ज्वार उतरने के बाद
    -------------------------------------------------
    behad achchhe lekhan ke liye badhai

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  12. अच्छा है।
    क्या हैं कीमत मेरे प्यार की
    हिसाब मिलेगा शायद मेरे बिकने के बाद

    हिसाब मिलेगा शायद बिछडने के बाद करके देखिये। :)

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  13. गुमसुमी हरारत बेहोशी और दीवानापन
    सारे रोग लगे है तुझसे दिल लगने के बाद

    कितने है मेरे मुरीद सिवा उनके
    जानेगा ज़माना जनाजा उठने के बाद

    बेहतरीन ग़ज़ल, उपरोक्त अश`आर का तो जवाब ही नहीं. बहुत खूब!

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  14. पानी मखमल सा सुर्ख लगता है
    उनके दरिया में उतरने के बाद
    बेहतरीन ग़ज़ल...

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  15. बहुत सुन्दर रचना है

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  16. गुमसुमी हरारत बेहोशी और दीवानापन

    सारे रोग लगे है तुझसे दिल लगने के बाद

    कितने है मेरे मुरीद सिवा उनके

    जानेगा ज़माना जनाजा उठने के बाद.
    mam,
    बहुत सुन्दर रचना.......

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  17. बेहतरीन रचना ... दिल छुं गई ...

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  18. bahut khoob ...........me to fan ho gaya apka

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