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Saturday, March 27, 2010

आप बताइए


अभी अभी पोस्ट डाल कर गए ही थे कुछ रोचक मिला सोचा आपको भी दिखा दूं ...मैं ज्यादा नहीं लिखूंगी पर आप बताइए ये चित्र देख कर सबसे पहले आपके मन में क्या आता है

16 comments:

  1. हमें तो यही समझ आया की "बगैर काम" की जगह "बगैर दाम" लिखा होना चाहिए था

    हा हा हा

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  2. किसी मनोवैज्ञानिक के दफ्तर के बाहर टंगा नोटिस लगता है मुझे तो :)वकील तो नहीं लगायेंगे क्योंकि उन्हें तो फीस से मतलब होती है

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  3. किसी धर्म के पाखंडी का लगता है.....
    .
    धर्म के जानकार लोगों से माफी सहित ....
    धर्म के बारे में लिखने ..एवं ..टिप्पणी करने बाले.. तोता-रटंत.. के बारे में यह पोस्ट ....मेरा कॉमन कमेन्ट है....
    http://laddoospeaks.blogspot.com/2010/03/blog-post_27.html

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  4. साफ साफ 'बगैर दाम' लिख देना चाहिए था !!

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  5. हा हा बहुत मजेदार बोर्ड शेयर किया है...:)

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  6. मज़ेदार.........."

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  7. मिलने वाले आना ही बंद कर देंगे ...

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  8. बोर्ड लगाने वाला फालतू लोगों के बैठे रहने से परेशान लगता है.

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  9. बहुत सी दुकानों की लिए फिट है यह बोर्ड. :) मस्त है जी.

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  10. किसी संवेदनाविहीन मानव द्वारा लिखा गया विज्ञापन लगता है..

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  11. ये बोर्ड चाहे जिसका हो नेता जी का तो नहीं है, अंत में धन्यवाद जो लिखा है.

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  12. mujhe ye sanketik lagta hai.. har koi aaj bina wajah kisi se milna nahi chahta, lekin jo "dukh dard ya vitiye samasya" isme likha hai wo kuch aisi cheezein hain shayd jinme chuninda log he kaam aaate hai magar adhikansh log inihi wajah se logon se milna-julna rakhte hain..

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  13. अलग सा है
    राज तो आप ही खोलेंगी

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  14. बोर्ड का सन्देश खुद कन्फ्यूज्ड है

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  15. मतलब ये कि ज्यादा पकाओ मत....लफ्फाजी करो और चलते बनो!

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